प्याज अचानक इतने महँगे क्यों हो जाते हैं ?
किसानों से औने पौने दामों में खरीदे गए प्याज इतने महंगे हो जाते हैं कि आम आदमी के लिए इन्हें खरीद पाना ही मुश्किल हो जाता है। अभी प्याज के भाव आसमान छू रहे हैं, आने वाले दिनों में यह और भी महंगा होंगे । एक समय ऐसा भी आता है कि प्याज व टमाटर का कोई खरीदार भी नहीं मिल पाता है किसानों को मजबूरन सड़कों पर फेंकना पड़ता है । हमेशा किसानों के साथ ही इतनी नाइंसाफी क्यों होती हैं ? फिर एक समय ऐसा भी आता है कि अचानक मार्केट में प्याज के भाव आसमान छूने लग जाते हैं प्याज व टमाटर के बिना रसोई का जायका भी खत्म हो जाता है । जो आंसू प्याज को काटने पर आता है वही आँसू प्याज के रसोई से दूर होने पर आने लगता हैं ।
क्या वास्तव में इस समय हमारे देश में प्याज की किल्लत हो जाती है ? क्या 80 से 90 ₹ प्रति किलो ग्राम मिलने वाले प्याज का 40-50% भी किसानो को मिल पाता है। लेकिन वास्तविकता इससे पर रहे हैं हमारे देश में प्याज व टमाटर का इतना उत्पादन होता है , कि यह साल भर के लिए पर्याप्त होता है । प्याज व टमाटर के महंगे होने का कारण है कालाबाजारी, कुछ बड़े लोग मुनाफा कमाने के लिए प्याज व टमाटर का स्टॉक कर लेते हैं जिसके कारण मार्केट में प्याज व टमाटर के भाव आसमान छूने लग जात हैे । क्योंकि उनको पता है कि अब किसानों के पास प्याज नही बचे हैं ।
खास हमारे किसान भी सुविधा संपन्न होते और उनके पास भी स्टॉक करने की कोई सुविधा होती ............
सरकारो ने भी कालाबाजारी पर कोई ध्यान नहीं दिया । सरकार को कालाबाजारी रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाना चाहिए, ताकि मार्केट में प्याज व अन्य जिंसों के भाव स्थिर रहे औऱ किसानों को भी हताशा न हो ।
धन्यवाद,
#श्रवण गांधी जायल
किसानों से औने पौने दामों में खरीदे गए प्याज इतने महंगे हो जाते हैं कि आम आदमी के लिए इन्हें खरीद पाना ही मुश्किल हो जाता है। अभी प्याज के भाव आसमान छू रहे हैं, आने वाले दिनों में यह और भी महंगा होंगे । एक समय ऐसा भी आता है कि प्याज व टमाटर का कोई खरीदार भी नहीं मिल पाता है किसानों को मजबूरन सड़कों पर फेंकना पड़ता है । हमेशा किसानों के साथ ही इतनी नाइंसाफी क्यों होती हैं ? फिर एक समय ऐसा भी आता है कि अचानक मार्केट में प्याज के भाव आसमान छूने लग जाते हैं प्याज व टमाटर के बिना रसोई का जायका भी खत्म हो जाता है । जो आंसू प्याज को काटने पर आता है वही आँसू प्याज के रसोई से दूर होने पर आने लगता हैं ।
क्या वास्तव में इस समय हमारे देश में प्याज की किल्लत हो जाती है ? क्या 80 से 90 ₹ प्रति किलो ग्राम मिलने वाले प्याज का 40-50% भी किसानो को मिल पाता है। लेकिन वास्तविकता इससे पर रहे हैं हमारे देश में प्याज व टमाटर का इतना उत्पादन होता है , कि यह साल भर के लिए पर्याप्त होता है । प्याज व टमाटर के महंगे होने का कारण है कालाबाजारी, कुछ बड़े लोग मुनाफा कमाने के लिए प्याज व टमाटर का स्टॉक कर लेते हैं जिसके कारण मार्केट में प्याज व टमाटर के भाव आसमान छूने लग जात हैे । क्योंकि उनको पता है कि अब किसानों के पास प्याज नही बचे हैं ।
खास हमारे किसान भी सुविधा संपन्न होते और उनके पास भी स्टॉक करने की कोई सुविधा होती ............
सरकारो ने भी कालाबाजारी पर कोई ध्यान नहीं दिया । सरकार को कालाबाजारी रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाना चाहिए, ताकि मार्केट में प्याज व अन्य जिंसों के भाव स्थिर रहे औऱ किसानों को भी हताशा न हो ।
धन्यवाद,
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